रिपोर्ट मुजम्मिल खान
8 जून मनीला। फिलीपींस के दक्षिणी द्वीप मिंडानाओ में सोमवार सुबह आए शक्तिशाली 7.8 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। भूकंप के कारण कई इमारतें धराशायी हो गईं, भूस्खलन की घटनाएं हुईं और कई क्षेत्रों में बिजली तथा संचार सेवाएं बाधित हो गईं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार हादसे में 35 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
भूकंप का केंद्र फिलीपींस के सरांगानी प्रांत और जनरल सैंटोस सिटी के निकट समुद्री क्षेत्र में बताया गया है। तेज झटकों के कारण लोग अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए। कई बहुमंजिला इमारतों, स्कूलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है। कुछ स्थानों पर सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हुआ।
भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया और मलेशिया के कुछ तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई थी। समुद्र में लगभग एक मीटर तक ऊंची लहरें दर्ज की गईं, हालांकि कई घंटों बाद सुनामी का खतरा कम होने पर चेतावनी वापस ले ली गई।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार कई लोगों की मौत इमारतों के गिरने और भूस्खलन की घटनाओं में हुई। राहत दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं। अस्पतालों में घायलों का उपचार जारी है और प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सहायता पहुंचाई जा रही है।
फिलीपींस के राष्ट्रपति Ferdinand Marcos Jr. ने स्थिति की समीक्षा करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं तथा लोगों को आफ्टरशॉक्स के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार फिलीपींस प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित है, जहां भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां अक्सर होती रहती हैं। इस कारण देश दुनिया के सबसे भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता है।




