रिपोर्ट मुजम्मिल खान
हरिद्वार, 11 जून। जनपद हरिद्वार की सभी 318 ग्राम पंचायतों में 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक “फाइनेंशियल इन्क्लूजन सैचुरेशन कैंप” आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र परिवार को बैंकिंग सेवाओं एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर वित्तीय समावेशन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करना है।

अभियान की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, विभिन्न बैंकों के अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान अभियान के सफल संचालन के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
भारत सरकार के वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) के निर्देशानुसार आयोजित होने वाले इन कैंपों में पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते खोले जाएंगे तथा उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा डिजिटल बैंकिंग, आधार सीडिंग, नामांकन, सीकेवाईसी और री-केवाईसी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी बैंकों और संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित कैंपों में अधिक से अधिक पात्र लोगों को लाभान्वित किया जाए तथा बेहतर समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने और वित्तीय समावेशन के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में एलडीएम दिनेश कुमार गुप्ता ने सभी बैंकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि वित्तीय समावेशन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बैठक में जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच को और अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।




