रिपोर्ट मुजम्मिल खान
हरिद्वार में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने लक्ज़री स्लीपर बसों के खिलाफ बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) निखिल शर्मा की निगरानी में तथा एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में 28 और 29 जून को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। अभियान में 80 बसों के चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 12 बसों को सीज़ कर दिया गया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान विभिन्न मार्गों पर संचालित लक्ज़री स्लीपर बसों की परमिट शर्तों, फिटनेस, संरचनात्मक सुरक्षा, तकनीकी मानकों और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की गई। वहीं एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने सड़क पर उतरकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध मौके पर ही सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की।
बसों का तकनीकी निरीक्षण संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन द्वारा किया गया। जांच के दौरान कई बसों में गंभीर खामियां सामने आईं। कुल 15 बसें परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाई गईं, जिनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
तकनीकी जांच में दो बसों की स्थिति सड़क सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत खराब पाई गई। इन वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त किए जाने की संस्तुति की गई है। इसके अलावा 12 बसों में स्वीकृति के विपरीत संरचनात्मक परिवर्तन (अल्टरेशन) पाए गए, जिसके चलते उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई करते हुए फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की भी संस्तुति की गई है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। निर्धारित तकनीकी मानकों, परमिट की शर्तों और मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार सघन अभियान जारी रहेगा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने वाहन स्वामियों और संचालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों का संचालन पूरी तरह वैधानिक प्रावधानों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप करें, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराई जा सके। वहीं एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी वाहन संचालक के विरुद्ध आगे भी बिना किसी ढिलाई के सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




