नसीम अंसारी
हरिद्वार/पथरी।
पथरी क्षेत्र के घिस्सुपुरा निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद सलीम ने देशभर के युवाओं से ऑनलाइन सट्टेबाजी और नशे से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऑनलाइन सट्टेबाजी, पैसे लगाकर खेले जाने वाले ऑनलाइन गेम और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।
मोहम्मद सलीम ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट पर कई ऐसे ऐप और प्लेटफॉर्म मौजूद हैं, जो युवाओं को कम समय में अधिक पैसा कमाने का लालच देकर अपनी ओर आकर्षित करते हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि यह रास्ता युवाओं को आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और भविष्य की बर्बादी की ओर ले जाता है।

उन्होंने कहा कि आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें युवा सट्टेबाजी में धन गंवाने के बाद तनाव और अवसाद का शिकार हो जाते हैं। कई परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं और पारिवारिक वातावरण भी प्रभावित होता है। उन्होंने युवाओं को समझाते हुए कहा कि मेहनत और ईमानदारी से कमाया गया धन ही जीवन में स्थायी सफलता देता है, जबकि सट्टेबाजी केवल भ्रम और नुकसान का सौदा है।
मोहम्मद सलीम ने युवाओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले उन विज्ञापनों से सावधान रहने की सलाह दी, जो कम समय में अमीर बनने के झूठे सपने दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपना समय पढ़ाई, रोजगार, खेलकूद, व्यवसाय और समाजसेवा जैसे सकारात्मक कार्यों में लगाना चाहिए।

नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। इससे उनकी सेहत, शिक्षा, करियर और पारिवारिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। ऐसे में युवाओं का भी दायित्व है कि वे ऐसे कार्यों से दूर रहें, जो उनके परिवार की खुशियों और उम्मीदों को नुकसान पहुंचाएं।
मोहम्मद सलीम ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और राष्ट्र का भविष्य उनके हाथों में है। यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ेंगे, तभी देश का विकास संभव होगा। उन्होंने युवाओं से नशे और सट्टेबाजी जैसी बुरी आदतों को त्यागकर शिक्षा, कौशल विकास, खेलकूद और राष्ट्रहित के कार्यों से जुड़ने का आह्वान किया।
अंत में उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के वरिष्ठ लोगों से भी अपील की कि वे बच्चों को सही और गलत का अंतर समझाएं तथा उन्हें सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि मेहनत, ईमानदारी और अच्छे संस्कार ही व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ाते हैं। यदि युवा इन मूल्यों को अपनाएंगे तो उनका भविष्य उज्ज्वल होगा और देश भी मजबूत बनेगा।




