हरिद्वार। आगामी कांवड़ मेला 2026 को सकुशल, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से हरिद्वार पुलिस लगातार तैयारियों में जुटी हुई है। इसी क्रम में शनिवार को कोतवाली ज्वालापुर में क्षेत्राधिकारी (सीओ) ज्वालापुर संजय चौहान की अध्यक्षता में विशेष गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र के स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO), व्यापार मंडल के पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हुए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी से कांवड़ मेले के दौरान प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने की अपील की तथा सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश साझा किए।

गोष्ठी का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशानुसार किया गया। बैठक में प्रभारी निरीक्षक ज्वालापुर चन्द्रभान सिंह अधिकारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक हर्ष अरोड़ा तथा चौकी बाजार प्रभारी देवेन्द्र पाल भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उपस्थित सभी लोगों से कहा कि कांवड़ मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महापर्व है। ऐसे में सभी की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
बैठक के दौरान सीओ संजय चौहान ने SPO को पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि मेले के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण करने, स्थानीय नागरिकों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच समन्वय स्थापित करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस और समाज के बीच बेहतर तालमेल से ही विशाल कांवड़ मेले का सफल संचालन संभव है।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और सदस्यों को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और भोजनालय संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों पर खाने-पीने की वस्तुओं की रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी श्रद्धालु से अधिक मूल्य की वसूली न हो सके।
बैठक में श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का विशेष सम्मान करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने होटल एवं ढाबा संचालकों से कहा कि कांवड़ मेले की अवधि में भोजन तैयार करते समय लहसुन और प्याज का प्रयोग न करें, जिससे मेले की धार्मिक पवित्रता बनी रहे और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान हो सके।
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जांच में सहायक साबित होते हैं और अपराधियों पर भी इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ता है।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए वाहन संचालकों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्हें अपने वाहनों में किराया सूची प्रदर्शित करने, वाहन से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज एवं ड्राइविंग लाइसेंस अपने पास रखने तथा निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़ा करने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और SPO ने हरिद्वार पुलिस को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य किया जाएगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में हरसंभव योगदान दिया जाएगा।
हरिद्वार पुलिस का मानना है कि कांवड़ मेले जैसे विशाल आयोजन की सफलता केवल पुलिस बल के भरोसे संभव नहीं है, बल्कि स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, स्वयंसेवकों और SPO के सक्रिय सहयोग से ही बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है। इसी उद्देश्य से लगातार विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित कर सभी संबंधित पक्षों को जिम्मेदारियों से अवगत कराया जा रहा है।
कांवड़ मेला 2026 को लेकर हरिद्वार पुलिस पहले से ही सुरक्षा, यातायात, निगरानी और जनसहयोग की व्यापक रणनीति पर काम कर रही है। ज्वालापुर में आयोजित यह गोष्ठी भी उसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा रही, जिसमें पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और श्रद्धामय वातावरण उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया गया।




