रिपोर्ट मुजम्मिल खान
नई दिल्ली/ऋषिकेश। उत्तराखंड के युवा प्रतिनिधि अथर खान ने नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दिल्ली यूथ असेंबली में उत्तराखंड और देश के युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे मजबूती से उठाए। इस कार्यक्रम में देशभर से लगभग 300 युवाओं ने प्रतिभाग किया।

अथर खान ने अपने संबोधन में विशेष रूप से ऋषिकेश में पेड़ों के संरक्षण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विकास के नाम पर अंधाधुंध पेड़ों का कटान नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने और पेड़ों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

उन्होंने सदन में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। अथर खान ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग और लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि “युवा इस देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनकी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। हम अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करते रहेंगे और अंततः जीत हमारी होगी।”

दिल्ली यूथ असेंबली के दौरान अथर खान ने शिक्षा, पर्यावरण, युवाओं के अधिकार और जनहित से जुड़े कई विषयों पर अपनी बात रखी। उनके संबोधन को उपस्थित युवाओं ने सराहा और कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का दावा:
अथर खान ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि युवाओं के संघर्ष की जीत हुई है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उल्लेख किया।
यह कार्यक्रम देशभर के युवाओं को अपनी बात लोकतांत्रिक मंच पर रखने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें उत्तराखंड के युवा अथर खान ने अपनी प्रभावशाली भागीदारी दर्ज कराई।




