लेटेस्ट न्यूज़
Home » लेटेस्ट न्यूज़ » Twisha Sharma Case:मौत से पहले त्विषा के साथ हुई थी मारपीट? हाईकोर्ट में सरकार ने चोटों को लेकर किया खुलासा

Twisha Sharma Case:मौत से पहले त्विषा के साथ हुई थी मारपीट? हाईकोर्ट में सरकार ने चोटों को लेकर किया खुलासा

Picture of Develop India News

Develop India News

DevelopIndiaNews.com एक स्वतंत्र और विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल है, जिसका उद्देश्य देश और दुनिया की ताज़ा, सटीक और निष्पक्ष खबरें पाठकों तक सबसे तेज़ पहुँचाना है।

मध्यप्रदेश सरकार ने बुधवार को हाईकोर्ट में कहा कि अभिनेत्री और मॉडल त्विषा शर्मा के शरीर पर मिले चोट के निशान मृत्यु से पहले के थे और ये उनकी मौत से पहले हुई “हाथापाई या संघर्ष” के दौरान लग सकते हैं। सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह ने त्विषा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया। इधर कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। 

गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि त्विषा को दहेज को लेकर ताने दिए जाते थे और कहा जाता था कि शादी में उसके परिवार ने पर्याप्त खर्च नहीं किया। सुनवाई के दौरान सरकार ने त्विषा की कलाई, कोहनी और सिर पर मिले चोट के निशानों का भी जिक्र किया। अदालत ने जब पूछा कि क्या ये चोटें मृत्यु से पहले की थीं, तो राज्य सरकार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इनका उल्लेख है।

ये भी पढ़ें- Twisha Sharma Case: हाईकोर्ट में सास गिरिबाला सिंह ने गलत काम करने से इनकार किया, सभी आरोपों को बताया निराधार

सरकार ने यह भी कहा कि ये चोटें मौत के बाद या शव को नीचे उतारते समय नहीं लगी थीं, क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस संभावना को खारिज किया गया है। राज्य का कहना था कि रिपोर्ट के अनुसार ये चोटें मौत से पहले किसी संघर्ष या हाथापाई के दौरान लगी हो सकती हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि जांच में मिले चैट्स से पता चलता है कि त्विषा की गर्भावस्था के बाद परिवार में विवाद बढ़ गए थे और उसके खिलाफ गंभीर टिप्पणियां की जाती थीं।

ये भी पढ़ें- Twisha Sharma case: पति समर्थ सिंह को सीबीआई ने लिया रिमांड पर, विरोधाभासी बयानों पर कराएगी आमना-सामना

अदालत ने पूछा कि प्रताड़ना के आरोप केवल पति पर हैं या सास पर भी, इस पर सरकार ने कहा कि दोनों ने उसे प्रताड़ित किया। सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह जांच में सहयोग नहीं कर रही थीं। अदालत को बताया गया कि 13 और 14 मई को नोटिस दिए जाने के बावजूद पुलिस जब उनके घर पहुंची तो वे वहां नहीं मिलीं। सरकार ने कहा कि वह जांच में शामिल नहीं हो रही थीं, लेकिन अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए मीडिया में बयान दे रही थीं।

Leave a Comment

Leave a Comment

इस पोस्ट से जुड़े हुए हैशटैग्स