हरिद्वार, 30 मई 2026। जिला गंगा संरक्षण समिति की 73वीं बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मां गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता बनाए रखने के लिए किसी भी स्थिति में कूड़ा-कचरा गंगा नदी में नहीं जाने दिया जाए। इसके लिए घाटों पर नियमित निगरानी रखने तथा गंगा को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों द्वारा गंगा में कूड़ा-कचरा एवं कपड़े न फेंके जाएं, इसके लिए सभी घाटों पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे और लाउडस्पीकर के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने हरकी पैड़ी क्षेत्र के घाटों और पुलों पर अतिक्रमण रोकने, सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती बरतने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने क्षतिग्रस्त घाटों की सूची तैयार कर नगर निगम को उपलब्ध कराने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक स्थानों पर सुरक्षा जालियां लगाने को भी कहा।
बैठक में जनपद में संचालित सभी सीवेज एवं सेप्टिक टैंकरों का अनिवार्य पंजीकरण और सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण कोई भी टैंकर संचालित नहीं होगा तथा सीवेज को नालियों में डालने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा नगर निगम और सिंचाई विभाग को बरसात के मौसम को देखते हुए नालियों की सफाई प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए गए, ताकि जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो।
बैठक में नगर आयुक्त, वन विभाग, सिंचाई विभाग, पेयजल निगम, खाद्य सुरक्षा विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नमामि गंगे परियोजना तथा समिति के सदस्य एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




