डिवेलप इंडिया न्यूज़ टीम
हरिद्वार। सावन के पावन महीने में हरिद्वार पुलिस ने जनसेवा का एक और बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए 200 से अधिक परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में थाना सिडकुल पुलिस ने 205 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। इन मोबाइलों की कुल बाजार कीमत 46 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। वर्ष 2026 में अब तक हरिद्वार पुलिस 475 मोबाइल फोन रिकवर कर चुकी है, जो पुलिस की तकनीकी दक्षता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

थाना सिडकुल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसएसपी नवनीत सिंह ने स्वयं मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे। लंबे समय से अपने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के चेहरे उस समय खुशी से खिल उठे जब उन्हें उनका खोया हुआ मोबाइल वापस मिला। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों को मोबाइल सुरक्षा और साइबर जागरूकता के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया।

एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। मोबाइल में लोगों की व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग सेवाएं, जरूरी दस्तावेज, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी जानकारियां सुरक्षित रहती हैं। ऐसे में खोया हुआ मोबाइल वापस मिलना किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाना हरिद्वार पुलिस की प्राथमिकता है और आगे भी इसी समर्पण के साथ कार्य किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार बरामद किए गए मोबाइल उत्तराखंड के अलावा कई अन्य राज्यों से भी रिकवर किए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे मोबाइल शामिल हैं जो सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत बाहरी राज्यों के कर्मचारियों के थे। इसके अलावा स्थानीय नागरिकों के भी कई मोबाइल फोन पुलिस ने तकनीकी सहायता और सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की मदद से खोजकर बरामद किए।
मोबाइल वापस पाने वाले लोगों ने हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल कभी वापस मिलेगा, लेकिन पुलिस की मेहनत और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से यह संभव हो पाया। लोगों ने एसएसपी नवनीत सिंह और थाना सिडकुल पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए इसे जनहित की उत्कृष्ट पहल बताया।
मुख्य उपलब्धियां
✅ 205 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद
✅ 200 से अधिक परिवारों को वापस मिले उनके मोबाइल
✅ बरामद मोबाइलों की कुल बाजार कीमत ₹46 लाख से अधिक
✅ मोबाइल रिकवरी में थाना सिडकुल जनपद और प्रदेश में अव्वल
✅ बीते 11 महीनों में आठवीं बार बड़ी संख्या में मोबाइल रिकवर
✅ वर्ष 2026 में अब तक कुल 475 मोबाइल फोन बरामद
✅ प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी मोबाइल किए गए रिकवर
✅ सीईआईआर पोर्टल और तकनीकी विश्लेषण की मदद से मिली सफलता
बरामद मोबाइलों का विवरण
📱 iPhone – 04
📱 Vivo – 44
📱 Oppo – 38
📱 Samsung – 35
📱 Realme – 32
📱 OnePlus – 19
📱 Nothing – 15
📱 Mi – 12
📱 IQOO – 06
हरिद्वार पुलिस का कहना है कि आमजन की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाना केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतने का माध्यम भी है। इसी सोच के साथ पुलिस लगातार तकनीक का बेहतर उपयोग कर ऐसे मामलों का त्वरित निस्तारण कर रही है। मोबाइल रिकवरी के क्षेत्र में हरिद्वार पुलिस ने जिस तरह लगातार सफलता हासिल की है, वह उत्तराखंड पुलिस के लिए भी एक मिसाल बनती जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई में थानाध्यक्ष अजय शाह, एसएसआई प्रवीण बिष्ट तथा हेड कांस्टेबल विवेक यादव की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी, सीईआईआर पोर्टल और विभिन्न राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर मोबाइल फोन बरामद किए।
हरिद्वार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी का मोबाइल फोन खो जाए तो वह तत्काल सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए और नजदीकी थाने में सूचना दे। समय पर सूचना मिलने से मोबाइल की ट्रैकिंग और बरामदगी की संभावना काफी बढ़ जाती है।
सावन के इस पावन अवसर पर हरिद्वार पुलिस की यह पहल न केवल 205 मोबाइल फोन लौटाने तक सीमित रही, बल्कि 200 से अधिक परिवारों की खुशियां वापस लौटाने का भी माध्यम बनी। ₹46 लाख से अधिक मूल्य की संपत्ति की रिकवरी और 2026 में अब तक 475 मोबाइल बरामद कर हरिद्वार पुलिस ने यह साबित कर दिया कि जनसेवा, तकनीकी दक्षता और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ पुलिस जनता का विश्वास लगातार मजबूत कर रही है।




