रिपोर्ट अशरफ खान
हरिद्वार, 3 अगस्त। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने आपदा राहत एवं बचाव व्यवस्था को और मजबूत किया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में बीईजी (बंगाल इंजीनियर ग्रुप) रुड़की के प्रशिक्षित सेना के गोताखोरों की दो टीमें संवेदनशील घाटों पर 24 घंटे तैनात रहकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा में जुटी हैं।

आपदा प्रबंधन अधिकारी एवं कांवड़ कंट्रोल रूम प्रभारी मीरा रावत के समन्वय में बीईजी रुड़की की एक टीम हरिद्वार के हाथी पुल क्षेत्र और दूसरी रुड़की के सोलानी पार्क के पास तैनात है। गंगा के तेज बहाव और भारी भीड़ के बीच सेना के प्रशिक्षित गोताखोर हर समय सतर्क रहते हुए किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य कर रहे हैं।
राहत एवं बचाव टीम का नेतृत्व सूबेदार कुलविंदर सिंह कर रहे हैं। उनकी टीम कांवड़ एवं आपदा कंट्रोल रूम के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस और सेना के बीच बेहतर तालमेल के चलते कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, सेना के गोताखोरों की निस्वार्थ सेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा का मजबूत भरोसा बनकर उभरी है। गंगा घाटों पर उनकी 24 घंटे की तैनाती कांवड़ यात्रा के दौरान मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।




