ब्यूरो चीफ मुजम्मिल खान, हरिद्वार
हरिद्वार। उत्तराखण्ड पुलिस मुख्यालय, देहरादून द्वारा साइबर अपराध के हॉटस्पॉट एवं संभावित हॉटस्पॉट को चिन्हित कर प्रभावी कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हरिद्वार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में ATM कार्ड, बैंक पासबुक, SIM कार्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप और नकदी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, 25/26 अगस्त 2026 की रात पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त एवं संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सज्जनपुर पीली क्षेत्र में मुखबिर से सूचना मिली कि एक सफेद रंग की Swift कार में कुछ लोग साइबर फ्रॉड से जुड़े हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने रसियाबड़ सिंगल लाइन प्वाइंट पर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान चिड़ियापुर की ओर से आ रही Swift कार संख्या UK-08AF-0560 को रोककर तलाशी ली गई। कार में सवार पांच व्यक्तियों तथा वाहन की तलाशी के दौरान एक बैग से साइबर फ्रॉड से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री बरामद हुई।
भारी मात्रा में डिजिटल एवं बैंकिंग सामग्री बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 35 ATM/Debit Cards, 14 Bank Passbooks, 17 SIM Cards, 18 Mobile Phones, 02 Laptops, 01 Laptop Charger, 10 ATM Covers, PAN Cards और ₹37,500 नकद बरामद किए।
बरामद पासबुकों में Central Bank of India, Indian Overseas Bank, SBI, UCO Bank, Bank of Maharashtra, Indian Bank और The Nainital Bank Ltd. सहित कई बैंकों के खाते पाए गए। इन खातों से ऋषिकेश, हरिद्वार, कनखल, देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों से जुड़े बैंकिंग विवरण सामने आए हैं।
वहीं 35 ATM/Debit Cards में Union Bank, Bank of Maharashtra, Indian Overseas Bank, Uttarakhand Gramin Bank, Nainital Bank, Canara Bank, Punjab National Bank, Central Bank of India, Indian Bank, UCO Bank, Bank of Baroda, City Union Bank और HDFC Bank सहित कई बैंकों के कार्ड मिले।
₹2.75 करोड़ से अधिक की संदिग्ध डिजिटल मनी ट्रेल के सुराग
पुलिस के प्रारंभिक डिजिटल एवं बैंकिंग विश्लेषण में ₹2.75 करोड़ से अधिक के संदिग्ध डिजिटल लेन-देन के महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। बरामद मोबाइल फोन में WhatsApp चैट, बैंक खातों की जानकारी, QR Code तथा लेन-देन से संबंधित बातचीत मिली है।
पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन की गैलरी में विभिन्न बैंक खातों और पासबुक से संबंधित दस्तावेजों की तस्वीरें भी मिली हैं। बैंक खातों की विस्तृत स्टेटमेंट, KYC, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद साइबर अपराध से संबंधित वास्तविक धनराशि और पूरी मनी ट्रेल का निर्धारण किया जाएगा।
म्यूल खातों से ATM तक पहुंचती थी साइबर फ्रॉड की रकम
पूछताछ में प्रारंभिक रूप से सामने आया कि आरोपी स्थानीय लोगों से बैंक खाते, पासबुक, ATM कार्ड और SIM प्राप्त करते थे। इन खातों का ATM PIN और UPI ID तैयार कर उनका एक्सेस अपने पास रखते थे।
साइबर फ्रॉड की रकम खातों में आने के बाद उसे म्यूल अकाउंट → UPI ट्रांसफर → दूसरे खाते → ATM/CDM → नकदी के माध्यम से निकालने का काम किया जाता था। इसके बाद रकम को कमीशन के आधार पर आपस में बांटे जाने की बात सामने आई है।
नालंदा–नवादा से हरिद्वार तक फैला नेटवर्क
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में अधिकांश बिहार के नालंदा एवं नवादा जनपद के निवासी हैं। पूछताछ में बिहार क्षेत्र से जुड़े अन्य व्यक्तियों द्वारा बैंक खाते उपलब्ध कराने तथा साइबर फ्रॉड की रकम से संबंधित जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इन व्यक्तियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी
1. कृष्णा पाण्डे, उम्र 24 वर्ष — नालंदा, बिहार
2. निरंजन कुमार, उम्र 24 वर्ष — नवादा, बिहार
3. सन्नी, उम्र 21 वर्ष — हरिद्वार
4. चन्द्रमणि कुमार, उम्र 24 वर्ष — नवादा, बिहार
5. चन्दन पाण्डे, उम्र 20 वर्ष — हरिद्वार
बरामदगी एक नजर में
35 ATM कार्ड | 14 बैंक पासबुक | 17 SIM कार्ड | 18 मोबाइल फोन | 02 लैपटॉप | 01 चार्जर | 10 ATM कवर | PAN कार्ड | ₹37,500 नकद
आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 318(4), 317(2), 3(5) BNS एवं धारा 66C, 66D IT Act के तहत वैधानिक कार्रवाई की है।
बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप का विस्तृत डिजिटल परीक्षण न्यायालय की अनुमति के उपरांत किया जाएगा। बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर अन्य साइबर अपराधियों, म्यूल अकाउंट धारकों और नेटवर्क के मुख्य संचालकों की पहचान की जा रही है।
पुलिस टीम
इस कार्रवाई में SP City अभय सिंह, CO City शिशुपाल नेगी, CO साइबर क्राइम/भगवानपुर सुमित पाण्डे, थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, SSI मनोज रावत, SI देवेंद्र तोमर, SI मोहन कठैत, SI गगन मैठाणी, ASI रविन्द्र गौड़, ASI देवेंद्र यादव सहित कोतवाली श्यामपुर, साइबर क्राइम एवं SOG की पुलिस टीम के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
एसएसपी हरिद्वार ने कहा कि साइबर अपराधी कहीं भी छिपे हों, हरिद्वार पुलिस उनके नेटवर्क तक पहुंचकर उन्हें कानून के शिकंजे में लाएगी। इस दिशा में पुलिस की एक बड़ी टीम लगातार काम कर रही है।




