( रिपोर्ट अशरफ खान )हरिद्वार में परिवहन विभाग की आकस्मिक जांच, 105 चालान और 25 वाहन सीजहरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर परिवहन विभाग ने मंगलवार को जनपद में ऑटो रिक्शा और विक्रम वाहनों द्वारा यात्रियों से की जा रही किराया वसूली की आकस्मिक जांच की। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन निखिल शर्मा और एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा के नेतृत्व में अधिकारियों ने आम यात्री बनकर वाहनों में सफर किया और निर्धारित किराए से अधिक वसूली की हकीकत जांची।

अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करते हुए 105 चालान काटे और 25 वाहनों को जब्त किया। कार्रवाई में परिवहन निरीक्षक अनिल, निपुल सहित विभागीय स्टाफ मौजूद रहा।
₹50 के बदले मांगे ₹300
जांच के दौरान रानीपुर मोड़ से रेलवे स्टेशन तक यात्रा के लिए दो विक्रम चालकों द्वारा ₹50 के निर्धारित किराए के बजाय ₹300 मांगे जाने की पुष्टि हुई। निर्धारित किराए से कई गुना अधिक रकम मांगने पर दोनों विक्रम वाहनों को जब्त कर लिया गया। संबंधित चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
ओवरलोडिंग और बिना पंजीकरण के वाहन भी पकड़े
अभियान के दौरान एक ई-रिक्शा ओवरलोडिंग करते हुए पकड़ा गया, जिसे जब्त कर लिया गया। वहीं दो ई-रिक्शा बिना पंजीकरण के संचालित होते पाए गए। दोनों वाहनों को भी विभाग ने सीज कर दिया।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक वसूली, ओवरलोडिंग और बिना पंजीकरण वाहन संचालन जैसे नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रहेगी।
यात्रियों से की अपील
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद में इस तरह की आकस्मिक जांच आगे भी जारी रहेगी। परिवहन विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि यदि कोई चालक निर्धारित किराए से अधिक रकम मांगता है या परिवहन नियमों का उल्लंघन करता है तो वाहन का नंबर नोट कर विभाग को सूचना दें, ताकि संबंधित वाहन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।




