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हरिद्वार पुलिस का बड़ा खुलासा: ICICI बैंक खाते से ₹50 लाख की साइबर ठगी का भंडाफोड़, फर्जी डेबिट कार्ड से निकाले रुपये, 3 आरोपी गिरफ्तार

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रिपोर्ट मुजम्मिल खान

हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने करोड़ों रुपये वाले बैंक खातों को निशाना बनाकर फर्जी डेबिट कार्ड के जरिए रकम निकालने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। नगर कोतवाली पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक खाते से करीब ₹50 लाख की संदिग्ध निकासी के मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से ₹13 लाख नकद, एक स्कूटी, 12 लाख रुपये की प्लॉट रजिस्ट्री, फर्जी दस्तावेज और डेबिट कार्ड बरामद किए हैं।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब आईसीआईसीआई बैंक, पुराना रानीपुर मोड़ के शाखा प्रबंधक अपूर्व दुबे ने बैंक खाते से बिना खाताधारक की जानकारी के करीब 50 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन होने की शिकायत नगर कोतवाली में दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।

 

जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन भगवानपुर क्षेत्र में मिलने पर पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी। बाद में मंडावर क्षेत्र के खेड़ी शिकोहरपुर के पास हाईवे किनारे तीन संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए बैंक से डेबिट कार्ड हासिल किया और पहला कार्ड बंद होने पर फोन बैंकिंग के माध्यम से नया डेबिट कार्ड जारी करा लिया।

 

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने डेबिट कार्ड के जरिए नकदी निकाली और देहरादून, रुड़की व दिल्ली से करीब 35 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीदी। चोरी की रकम से स्कूटी और 12 लाख रुपये का प्लॉट भी खरीदा गया।

 

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संगीता देवी, उपेंद्र कुमार सहगल और रीनू कुमार उर्फ सोनू कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से ₹13 लाख नकद, कई मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड, आकाश सिन्हा के नाम का डेबिट कार्ड, डेबिट कार्ड आवेदन पत्र, स्कूटी और प्लॉट की रजिस्ट्री बरामद की है।

 

पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह बड़ी कंपनियों के बैंक खातों की जानकारी जुटाकर फोन बैंकिंग और बैंक की कमजोर प्रक्रियाओं का फायदा उठाते हुए डेबिट कार्ड जारी कराता था। जांच में यह भी पता चला कि गिरोह की नजर कई नामी कंपनियों के खातों पर भी थी।

 

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी उपेंद्र कुमार और सोनू कुमार पहले भी एटीएम फ्रॉड के मामलों में जेल जा चुके हैं, जबकि सोनू कुमार वर्ष 2013 के एक चर्चित हत्याकांड में भी जेल रह चुका है।

 

एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई को हरिद्वार पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सहयोगियों और संभावित नेटवर्क की तलाश में जुटी है।

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